उदासी स्टेटस


अल्फाज़ मिलते नहीं मुझे अब लिखने को…. कलम भी मेरी तरह उदास रहती है।।


यूं ना पूछों सरेआम उदासी की वजह मेरी…. अल्फाज़ अगर निकले तो रिश्ते सभी बेनकाब होंगे।।


कुछ लोग कहते है की बदल गया हूँ मैं,
उनको ये नहीं पता की संभल गया हूँ मैं,
उदासी आज भी मेरे चेहरे से झलकती है,
अब दर्द में भी मुस्कुराना सीख गया हूँ मैं।।


मुझसे नहीं कटती अब ये उदास रातें, 
कल सूरज से कहूँगा मुझे साथ लेकर डूबे।


जो जरा किसी ने छेड़ा तो छलक पड़ेंगे आँसू, 
कोई मुझसे यूँ न पूछे तेरा दिल उदास क्यों है..।।


कभी उदासी कभी आँखों में पानी भेज देता है..
वो खुद आता नही अपनी निशानी भेज देता है ..।।


तू हमसफ़र तू हमडगर तू हमराज नजर आता है, 
मेरी अधूरी सी जिंदगी का ख्वाब नजर आता है, 
कैसी उदास है जिंदगी… बिन तेरे… हर लम्हा, 
मेरे हर लम्हे में तेरी मौजूदगी का अहसास नजर आता है।


ये उदासी भी चेहरे पर आने से कतराती है..
जब वो लबो को लबो से छू जाती है.. ।।


कुछ तो खास बात है, मेरी मेहमान नवाजी में…
उदासी आई रुक गई, दर्द आया ठहर गया…।।


कुछ ना कुछ तो है इस उदासी का सबब
अब मान भी जाओ कि हम याद.आते हैं !!


तेरे जाते ही चेहरे पे उदासी आन बैठी थी..
मैं जिनमें मुस्कुराता हूँ वो सब फोटो पुराने हैं.. ।।


शाम की चाय, हल्की सी सर्दी, तुम्हारी याद..
और यह उदासी, वाकई बागों में बहार है ..।।


ज़रा सी उदासी हो और… कायनात पलट दे…
ज़िन्दगी में ऐसा भी एक कोई होना चाहिए..।।


सुलगती जिंदगी से मौत आ जाये तो बेहतर है, 
हमसे दिल के अरमानों का अब मातम नहीं होता।


ढूंढोगे कहाँ मुझको, मेरा पता लेते जाओ, 
एक कब्र नई होगी एक जलता दिया होगा।


एक दिन निकला सैर को मेरे दिल में कुछ अरमान थे, 
एक तरफ थी झाड़ियाँ… एक तरफ श्मशान थे, 
पैर तले इक हड्डी आई उसके भी यही बयान थे, 
चलने वाले संभल कर चलना हम भी कभी इंसान थे…।


सब कुछ मिला सुकून की दौलत नहीं मिली, 
एक तुझको भूल जाने की मौहलत नहीं मिली, 
करने को बहुत काम थे अपने लिए मगर, 
हमको तेरे ख्याल से कभी फुर्सत नहीं मिली..।


ख्यालों में ​उसके मैंने बिता दी ज़िंदगी सारी,
​​इबादत कर नहीं पाया खुदा नाराज़ मत होना..​।


उसके बगैर भी तो अदम कट गई हयात, 
उसका खयाल उससे जियादा जमील था…।
ज़िन्दगी हर हाल में एक मुकाम माँगती है, 
किसी का नाम तो किसी से ईमान माँगती है, 
बड़ी हिफाजत से रखना पड़ता है दोस्त इसे, 
रूठ जाए तो मौत का सामान माँगती हैं।


दुनिया में सैकड़ों दर्दमंद मिलते हैं, 
पर काम के लोग चंद मिलते हैं, 
जब मुसीबत का वक़्त आता है, 
सब के दरवाजे बंद मिलते हैं।


शायद यही ज़िंदगी का इम्तिहान होता है, 
हर एक शख्स किसी का गुलाम होता है, 
कोई ढूढ़ता है ज़िंदगी भर मंज़िलों को, 
कोई पाकर मंज़िलों को भी बेमुकाम होता है।


तेरे ख्याल में जब बे-ख्याल होता हूँ, 
ज़रा सी देर को सही बे-मिसाल होता हूँ।


रोज़ आता है मेरे दिल को तसल्ली देने, 
ख्याल ए यार को मेरा खयाल कितना है…।


जीत भी मेरी और हार भी मेरी, 
तलवार भी मेरी और धार भी मेरी, 
ज़िन्दगी ये मेरी कुछ यूं सवार है मुझ पर, 
डूबी भी मेरी और पार भी मेरी…।


कदम-कदम पे नया इम्तिहान रखती है, 
ज़िन्दगी तू भी मेरा कितना ध्यान रखती है…।


समझ जाता हूँ मीठे लफ़्ज़ों में छुपे फरेब को, 
ज़िन्दगी तुझे समझने लगा हूँ आहिस्ता आहिस्ता….।


आसमान के परे मुकाम मिल जाए, 
खुदा को मेरा ये पैगाम मिल जाए, 
थक गयी है धड़कनें अब तो चलते चलते, 
ठहरे सांसे तो शायद आराम मिल जाए…।


खामोश बैठें तो लोग कहते हैं उदासी अच्छी नहीं…
ज़रा सा हँस लें तो मुस्कुराने की वजह पूछ लेते हैं….।।


कौन कहता है मुझे ठेस का एहसास नहीं,
जिंदगी एक उदासी है जो तुम पास नहीं… मांग कर मैं न पियूं तो यह मेरी खुद्दारी है,
इसका मतलब यह तो नहीं है कि मुझे प्यास नहीं..।।


तेरे आने से पहले उदासी रहती है,
तेरे जाने के बाद उदासी छाती है… इस बीचजो वक़्त गुज़रता है उसे मैं
ज़िन्दगी नाम देता हूँ…।।


मुझसे नहीं कटती अब ये उदास रातें, 
कल सूरज से कहूँगा मुझे साथ लेकर डूबे।



जो जरा किसी ने छेड़ा तो छलक पड़ेंगे आँसू, 
कोई मुझसे यूँ न पूछे तेरा दिल उदास क्यों है..।।


तू हमसफ़र तू हमडगर तू हमराज नजर आता है, 
मेरी अधूरी सी जिंदगी का ख्वाब नजर आता है, 
कैसी उदास है जिंदगी… बिन तेरे… हर लम्हा, 
मेरे हर लम्हे में तेरी मौजूदगी का अहसास नजर आता है..।


ख़ाली नहीं रहा कभी 
आँखों का ये मकान, 
सब अश्क़ निकल गये 
तो उदासी ठहर गयी….।


तपिश से बच कर घटाओं में बैठ जाते हैं, 
गए हुए की सदाओं में बैठ जाते हैं, 
हम अपनी उदासी से जब भी घबराये, 
तेरे ख़याल की छाँव में बैठ जाते हैं…।


ऐ नए साल बता कि तुझमें नया क्या है, 
हर तरफ खल्क ने क्यूँ शोर मचा रखा है…।


तू नया है तो दिखा, सुबह नई शाम नई, 
वर्ना इन आँखों ने देखे हैं ऐसे साल कई…।


मौजूद थी उदासी अभी पिछली रात की, 
बहला था दिल जरा कि फिर रात हो गयी…।


बताओ है कि नहीं मेरे ख्वाब झूठे, 
कि जब भी देखा तुझे अपने साथ देखा…।


मत फेंक पानी में पत्थर, 
उसे भी कोई पीता होगा, 
मत रह यूँ उदास जिन्दगी में, 
तुम्हें देखकर कोई जीता होगा…।


उदास हूँ पर तुझसे नाराज नहीं, 
तेरे दिल में हूँ पर तेरे साथ नहीं, 
झूठ कहूँ तो सब कुछ है मेरे पास, 
और सच कहूँ तो एक तेरे सिवा 
कुछ भी ख़ास नहीं…।


इतनी बेचैनी से तुमको किसकी तलाश है, 
वो कौन है जो तेरी आंखों की प्यास है, 
जबसे मिला हूं तुमसे यही सोचता हूं मैं,
क्यों मेरे दिल को हो रहा तेरा एहसास है, 
जिंदगी के इस मोड़ पे तुम आके यूं मिले,
जैसे कि कोई मंजिल मेरे इतने पास है,
एक नजर की आस में तकता हूं मैं तुझे,
अब देख तेरे खातिर एक आशिक उदास है…. ।


जिस दिन किताब-ए-इश्क की तक्मील हो गई,
रख देंगे ज़िन्दगी तेरा… बस्ता उठा के हम।


ज़मीं से उगती है या आसमाँ से आती है.
ये बे-इरादा उदासी कहाँ से आती है… ।।


जो हो सके तो चले आओ आज मेरी तरफ़, 
मिले भी देर हो गई और जी भी उदास है ।


टूटे हुये सपनो और रूठे हुये अपनों ने उदास कर दिया, 
वरना लोग हमसे मुस्कराने का राज पूछा करते थे । 


कमाल लोग होते है वो
जो हमारी आवाज से ही
उदासी और ख़ुशी का अंदाज़ा लगा लेते है …. ।।


जब भी तेरी यादों को आसपास पाता हूँ, 
खुद को बहुत ज्यादा उदास पाता हूँ, 
तुझे तो मिल गई खुशियाँ ज़माने भर की, 
मै अब भी दिल में वही प्यास पाता हूँ…।


प्यार तो ज़िन्दगी को सजाने के लिए है, 
पर ज़िन्दगी बस दर्द बहाने के लिए है, 
मेरे अंदर की उदासी काश कोई पढ़ ले, 
ये हँसता हुआ चेहरा तो ज़माने के लिए है…।


ज़िन्दगी जिसको तेरा प्यार मिला वो जाने, 
हम तो नाकाम ही रहे चाहने वालों की तरह।


मेरी आँखों में छुपी उदासी को महसूस तो कर..
हम वह हैं जो सब को हंसा कर रात भर रोते हैं… ।।


घिरा हूँ तन्हाई और उदासी में इस कदर आजकल….
भूल ना जाऊँ इसलिये खुद से ही खुद की पहचान पूछ लिया करता हूँ !!


ख़ाली नहीं रहा कभी 
आँखों का ये मकान, 
सब अश्क़ निकल गये 
तो उदासी ठहर गयी।


मैं तुमसे कैसे कहूँ
ऐ मेहरबान…
तुम ईलाज हो
मेरी हर उदासी का।।


मौजूद थी उदासी,, अभी पिछली रात की….
बहला था दिल जरा सा, के फिर रात हो गई..।।



उदासी तुम पे बीतेगी तो तुम भी जान जाओगे कि,
कितना दर्द होता है नज़र अंदाज़ करने से


तपिश से बच कर घटाओं में बैठ जाते हैं, 
गए हुए की सदाओं में बैठ जाते हैं, 
हम अपनी उदासी से जब भी घबराये, 
तेरे ख़याल की छाँव में बैठ जाते हैं।


उनके हर एक लम्हे कि हिफाजत करना ए खुदा….. मासूम चेहरा है उदास अच्छा नहीं लगता।।


मायने ज़िन्दगी के बदल गये अब तो, 
कई अपने मेरे बदल गये अब तो, 
करते थे बात आँधियों में साथ देने की 
हवा चली और सब मुकर गये अब तो…। 


खुदा कसम ना खुश हूँ ना उदास हूँ… मैं जिसकी याद में गुम हूँ उसी के पास हूँ।।


दिल उदास सही है कोई आस नहीं है…. खुली आँखों की नमी है ये बरसात नहीं ।


मेरे लिए उदास है वो… बस इसी ख्याल से उदास हूँ मैं।।।


दिल फिर आज उदास है…. आज फिर उसने हाल पूछा है मेरा।।


उदास कमरा, उदास मौसम, उदास लम्हे,… उदास जिंन्दगी और उदास फूल, पत्ते व शजर….. कितनी चीजों पे शिरीन, इलजाम लगता है…. साहब बस इक तेरे ही बात ना करने पर।।


मेरी जिन्दगी का किस्सा नहीं…. उदास ए जिन्दगी हो तुम।।


कुछ इस कदर उदास है जिन्दगी… जैसे किसी की प्यास है जिंदगी…. बहुत खोज लिया खुद को फिर भी न जाने किसकी तलाश है जिंदगी।।


नया बहाना है, हर पल उदास होने का… ये फा़यदा है तेरे घर के पास होने का।।


जब भी ये दिल उदास होता है… तू मेरे आस-पास होता है।।।


एक दिन देखकर उदास बहुत… आ गए थे वो मेरे पास बहुत। ख़ुद से मैं कुछ दिनों से मिल न सका… लोग रहते है आस-पास बहुत।।


परिंदा पिज़रे में तन्हा उदास बैठा है…. उड़ान भुल गया मुद्दतों की बंदिश में।।


दर्द से भरी एक उम्दा किताब हूँ मैं साहेब… गौर से न पढ़ना, तुम्हे उदास कर दूँगी।।


कैसे इक लफ्ज में बयाँ कर दूँ…. दिल को किस बात ने उदास किया है।


उदास कर देती है, हर रोज ये शाम….. ऐसा लगता है, भूल रहा है कोई धीरे-धीरे।।


उदास हूँ मदर कह नहीं पाती हूँ….. ये सुन कर वो भी उदास हो जाते है।।


गज़ब का प्यार था उसकी उदास आँखों में साहेब… महसूस तक ना होने दिया वो मुझे छोड़ने वाला है।।


यूँ ही उदास है दिल बेकरार थोड़ी है… मुझे किसी का कोई इंतजार थोड़ी है.. नजर मिला के भी तुम से गिला करूँ कैसे तुम्हारे दिल पे मेरा इख्तियार थोड़ी है…. मुझे भी नींद न आए उसे भी चैन न हो… हमारे बीच भला इतना प्यार थोड़ी है।।


उदास तो बहुत रहे, मगर कभी जाहिर ना किया…. सब ठीक है बस इसी लफ्ज ने सब संभाल लिया।।


हर रोज हम उदास होते है… और शाम गुजर जाती है…. किसी रोज शाम उदास होगी… और हम गुजर जायेंगे।।


जिंदगी में कभी उदास मत होना… कभी किसी बात पर निराश मत होना.. जिंदगी संघर्ष है, चलती ही रहेगी… कभी अपने जीने का अंदाज मत खोना।।


उदास लम्हों में जब भी तुम्हारी याद आती है,…. जहन में बादल छाते हैं आँखोें से बरसात होती है।।


दिन ईद के जब करीब देखे…. मैंने अक्सर उदास गरीब देखे।


दिल उदास, जुबान खामोंश और ये आँख नम क्यों है….. तुझे तो कभी पाया ही ना था, फिर आज खोने का गम क्यों हैं।।।


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