जानलेवा स्टेटस


जान देने के कितने तरीके सुने पर मोहब्बत से बेहतर तो कोई नहीं।


याद हैं मुझे आज भी उसके आखिरी अल्फ़ाज, जी सको तो जी लेना वरना मर जाओ तो बेहतर है।।


उसके जाने के बाद भी अकेला नहीं हूँ मैं… बेबसी उदासी इंतजार ना जाने क्या-क्या है मेरे पास


आज इतना जहर पिला दो कि सांस तक रुक जाए मेरी… सुना है कि सांस रुक जाए तो रूठे हुये भी देखने आते है।।


अगर रुक जाये मेरी धड़कन तो इसे “मौत” मत समझना… अक्सर होता है मेरे साथ, हमेसा तेरी याद आने के बाद।।


हर मुलाकात पर वक्त का तकाजा. हुआ.. हर याद पे दिल का दर्द ताजा हुआ…. सुनी थी सिर्फ हमने गज़लों में जुदाई की बातें….. अब खुद पे बीती तो हकीकत का अंदाजा हुआ है।


एक दौर था दिल लगता नही था तुम्हारे बिना… रस्म नहीं अपनी यादों को मिटाने के लिए आ… जख्मों को किताबों के पन्ने में सजा के रखा है…. वही जख्मों की किताब को जलाने के लिए आ।।


सह लिया हर दर्द हमने हंसते-हंसते.. उजाड़ गया घर मेरा यारो बसते-बसते… अब वफा करे तो किस से करे…. वफा करने गए तो बेवफा ही मिले रस्ते-रस्ते।।