पेनफूली स्टेटस


दर्द हल्का है साँस भारी है
जिए जाने किस रस्म जारी है


वो शक्स नज़र आये कभी तो उसे इतना कहेना
जिन को आदि कर दिया है अपना वो लोग बहुत याद करते है तुम्हें


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दिल का दर्द एक राज़ बनकर रह गया ,
मेरा भरोसा मज़ाक बनाकर रह गया,
दिल के सौदागरों से दिल्लगी कर बैठे,
शायद इसलिए मेरा प्यार एक अल्फ़ाज़ बनकर रह गया


जो पल पल चलती रहे, उसे जिंदगी कहते है
जो हरपल जलती रहे, उसे रोशनी कहते है
जो पलपल खिलती रहे, उसे मोहब्बत कहते है
जो साथ न छोड़े कभी, उसे दोस्ती कहते है


महेरबान बनके मिलो हो महेरबान बने रहेना
हमारी याद में रहेना चाहे जहाँ रहेना


ये इश्क वो मोहब्बत की रिवायत भी अजीब है
पाया नहीं जिस को उसे खोना भी नहीं है
लिप्त है मेरे दिल से किसी खुवाब की सूरत
वो शख्स को मेरा होना भी नहीं है।।


हर जख्म की आगोश मैं दर्द तुम्हारा है 
हर दर्द मैं तस्कीन का एहसास भी तुम ही हो


दिल के किसी कोने में रहता हूं मैं,
ना दिल लगाना तुम सबसे कहता हूं मैं,
मैं हूं प्यार जो ग़र रूठ जाए तो,
बनके अश्क आंखों से बहता हूं मैं..


अगर तेरा अंदाज़ मोहब्बत देख ले कोई..
रहा ना जाये उस से तेरी हसरत के बिगैर ।।


दर्द बनकर समा गया कोई
दिल में काँटे चुभा गया कोई।।


अगर मोहब्बत की हद नहीं कोई,
तो दर्द का हिसाब क्यूँ रखूं।


ये ना पूछ के शिकायेतें कितनी है तुम से
तो बता तेरा कोई और सितम बाकी तो नाही।।


था कोई जो मेरे दिल को ज़ख्म दे गया ,
ज़िन्दगी भर रोने की कसम दे गया,
लाखों फूलों में से एक फूल चुना था मैंने,
जो काटों से भी गहरा ज़ख्म दे गया..


अब से सावन में सब का हिसाब कर दूंगा
जिसका जो बाकी है में वो हिसाब कर दूंगा
और मुझको इस गिलास में ही क़ैद रखना वरना
पुरे शहर का पानी से सह्राब कर दूंगा।।


सब सो गए अपना दर्द अपनों को सुना के,
कोई होता मेरा तो मुझे भी नींद आ जाती।


कुछ राज़ तो क़ैद रहने दो मेरी आँखों में
हर किस्से तो शायर भी नहीं सुनाता है।।


और भी कर देता है मेरे दर्द में इज़ाफ़ा,
तेरे रहते हुए गैरों का दिलासा देना।


तेरी बेरूख़ी को भी रुतबा दिया हमने,
प्यार का हर फ़र्ज़ अदा किया हमने,
मत सोच के हमने भुला दिया तुझे,
आज भी भगवान से पहले तुझे याद किया हमने..


पीते थे शराब हम उसने छुड़ा दी अपनी कसम दे कर
महफ़िल ममें गए थे हम यारों ने पिलादी उसकी कसम दे कर।।


बड़ी हसरत थी कोई हम्हे टूट कर चाहे 
लेकिन हम ही टूट गए किसी को चाहते चाहते।।


नसीहत अच्छी देती है दुनिया,
अगर दर्द किसी ग़ैर का हो।


गहरी रात भी थी हम दर भी सकते थे..
हम जो कहे ना सके वो कर भी सकते थे..
तुम ने साथ छोड़ दिया हमारा ये भी ना सोचा
हम पागल थे तेरे लिए मर भी सकते थे ।।


कैसे करें बयाँ तुझसे दर्द की इन्तहा को अब्बास
अपनी ही निगाहों की नमी देख कर रो पड़े आज हम।।


तुम्हारी अदा का क्या जवाब दूँ..
अपने दोस्त को क्या उपहार दूँ..
कोई अच्छा सा फूल होता तो माली से मंगवाता
जो खुद गुलाब है, उसको क्या गुलाब दूँ।।


कैसे एक लफ्ज में बयां कर दूँ 
दिल को किस बात ने उदास किया ।।


आए बिछडने का कोई और तरीका ढूंढें 
प्यार बढता है मेरी जां खफा रहने से।।


खन खना खन है ख्यालों में
जरुर आज उसने कंगन पहने होंगे।।


मेरी मोहब्बातें भी अजीब थी मेरा फैज़ भी था कमाल पर
कभी सब कुछ मिला बिना तलब के तो कभी कुछ ना मिला सवाल पर।।



गुलशन की बहारों पे सर-ए-शाम लिखा है,
फिर उस ने किताबों पे मेरा नाम लिखा है,
ये दर्द इसी तरह मेरी दुनिया में रहेगा,
कुछ सोच के उस ने मेरा अंजाम लिखा है।



खामोशियाँ कर देतीं बयान तो अलग बात है,
कुछ दर्द हैं जो लफ़्ज़ों में उतारे नहीं जाते।



आँखों में उमड़ आता है बादल बन कर,
दर्द एहसास को बंजर नहीं रहने देता।


बहुत अजीब सिलसिले है मोहब्बत इश्क मैं
कोई वफ़ा के लिए रोया तो कोई वफ़ा कर के रोया।।



दिल की दहलीज पर रख कर तेरी यादों के चिराग 
हमने दुनियां को मोहब्बत के उजाले बख्शे।।


लोग तो अपना बनाकर छोड़ देते हैं,
कितनी आसानी से गैरों से रिश्ता जोड़ लेते हैं,
हम एक फूल तक ना तोड़ सके कभी ,
कुछ लोग बेरहमी से दिल तोड़ देते हैं.. ।।


पास जब तक वो रहे दर्द थमा रहता है,
फैलता जाता है फिर आँख के काजल की तरह।


ज़िन्दगी यु भी कम है मोहब्बत के लिए
यु रूठ के वक़्त गुजारने की ज़रूरत किया है।।


ज़रूरी तो नहीं ज़बान से कहे दिल की बात
ज़बान एक और भी होती है इज़हार मोहब्बत की।।


कल उसकी याद पूरी रात आती रही,
हम जागे पूरी दुनिया सोती रही ,
आसमान में बिजली पूरी रात होती रही,
बस एक बारिश थी जो मेरे साथ रोती रही.. ।।


दाद देते है हम तुम्हारे नज़र अंदाज़ करने के हुनर को
जिस ने भी सिखाया है वो उद्ताद कमाल का होगा।।


कभी सोचा न था के वो मुझे तनहा कर जायेगा 
जो अक्सर परेशां देख कर कहता था मैं होना।।


तुम तो हमे भुला चुके हो कहीं,
किस्मत भी न भूला दे,
फिर प्यार हम इसलिए नहीं करते,
कहीं कोई दुबारा ना रुला दे..।।


कौन कहता है नफ़रतों मैं दर्द होता है..
कुछ मोहब्बत बड़ी कमाल की होती है..।।


हम भी फूलों की तरह अक्सर तनह रहते है..
कभी टूट जाते है तो कभी कोई तोड़ देता है ..।।


हम अजनबी थे जब तुम बातें खूब किया करते थे..
अब सना साईं है तो तुम हमको याद भी नहीं करते.।।


अँधेरा मिटा कर शहर छोड़ जाऊंगा..
एक रोज़ फिर तेरा शहर छोड़ जाऊंगा..।।


मोहब्बत वो हसीं गुनाह है जो मैंने तुझसे ख़ुशी से किया है..
पर मोहब्बत में इंतज़ार वो सजा है सिर्फ इंतज़ार सिर्फ इंतज़ार सिर्फ इंतज़ार किया है..।।


दर्द बच्चा था सो जाता था एक थपकी पे..
अब ये मुझसे आहों की गजा मांगता है..।


किसी दर्द को संभाल पाना आसान नहीं,
हँसते हुए हर लम्हा बिताना आसान नहीं,
ज़िन्दगी में हर कोई दिल में बस्ता नहीं,
और कोई जो बस जाए उसे दिल से भुलाना आसान नहीं।।


दर्द मोहब्बत का ऐ दोस्त बहुत खूब होगा,
न चुभेगा.. न दिखेगा.. बस महसूस होगा।


जिस दिल में बसा था नाम तेरा हमने वो तोड़ दिया..
न होने दिया तुझे बदनाम बस तेरे नाम लेना छोड़ दिया..।।


दर्द की शाम हो या सुख का सवेरा हो..
सब कुछ कबूल है अगर साथ तेरा हो..।।


मैं चाहता हूँ एक आशियाना हो ..
जो वाबस्ता सिर्फ तुम से हो..।।


रोज़ पिलाता हूँ एक ज़हर का प्याला उसे,
एक दर्द जो दिल में है मरता ही नहीं है।


लोग मुन्तज़िर ही रहे कि हमें टूटा हुआ देखें,
और हम थे कि दर्द सहते-सहते पत्थर के हो गए।


अपना कोई मिल जाता तो हम फूट के रो लेते,
यहाँ सब गैर हैं तो हँस के गुजर जायेगी।


अब तो दामन-ए-दिल छोड़ दो बेकार उमीदों,
बहुत दर्द सह लिए मैंने बहुत दिन जी लिया मैंने।


तुझसे पहले भी कई जख्म थे सीने में मगर,
अब के वह दर्द है दिल में कि रगें टूटती हैं।


बेताब हम भी थे दर्द जुदाई की कसम..
रोता वो भी होगा नज़रें चुरा चुरा कर..।।


जो तार से निकली है वो धून सब ने सुनी..
जो साज़ पे गुजरी है- वो किस को पता है..।।


आँखों की गहराई को समझ नहीं पाते,
होठ है मगर कुछ हम कह नहीं पाते,
अपनी दिल की बात किस तरह कहे तुमसे,
तुम वही हो जिनके बिना हम रह नहीं पाते..।।


आंसू बहे तो एहसास होता है..
दोस्ती के बिना जीवन कितना उदास होता है..
उम्र हो आपकी चाँद जितनी लंब..,
आप जैसा दोस्त कहाँ हर किसी के पास होता है..।।


मुझको ढूंढ लेती है रोज एक नए बहाने से..
तेरी याद वाकिफ हो गयी है मेरे हर ठिकाने से ..।।


यू ,मुझे तड़पता, छोडकर जाने वाले,
लौट आ मेरा आशियाँ सजाने वाले, यू तन्हा जीना, बहुत मुश्किल होगा,
बहुत सतायेंगे मुझे, ये ज़माने वाले, पर तुम मेरी मोहब्बत का,भरम रखना,
कई आयेंगे,तुमको अपना बनाने वाले..।।


तकलीफ ये नहीं कि तुम्हें अज़ीज़ कोई और है,
दर्द तब हुआ जब हम नजरंदाज किए गए।


बंसिरी से सीख ले ए ज़िन्दगी सबक जीने का..
कितने छेद है सीने में फिर भी गुनगुनाती रहेती है..।।


आ गया जिस रोज़ दिल को समझें मुझे ..
आप की ये बेरूखी किस काम की रह जाएगी..।।


मत छीन अपना नाम मेरे लब से इस तर..
इस ने बाम ज़िन्दगी मैं तेरा ही नाम तो है ..।।