बेवफाई स्टेटस

बेवफाई उसकी दिल से मिटा के आया हूँ, ख़त भी उसके पानी में बहा के आया हूँ, कोई पढ़ न ले उस बेवफा की यादों को, इसलिए पानी भी आग लगा कर आया हूँ।


किसी की खातिर मोहब्बत की इन्तेहाँ कर दो, लेकिन इतना भी नहीं कि उसको खुदा कर दो, मत चाहो किसी को टूट कर इस कदर इतना, कि अपनी वफाओं से उसको बेवफा कर दो।


तेरा ख्याल दिल से मिटाया नहीं अभी, बेवफा मैंने तुझ को भुलाया नहीं अभी।


वो जमाने में यूँ ही बेवफा मशहूर हो गये दोस्त, हजारों चाहने वाले थे किस-किस से वफ़ा करते ।


मुझे इश्क है बस तुमसे नाम बेवफा मत देना, गैर जान कर मुझे इल्जाम बेवजह मत देना, जो दिया है तुमने वो दर्द हम सह लेंगे मगर, किसी और को अपने प्यार की सजा मत देना।


मुझे तू अपना बना या ना बना तेरी खुशी, तू जमाने में मेरे नाम से बदनाम तो है।


हसीं चेहरों के लिए आईने कुर्बान किये है, इस शौक में अपने बड़े नुकसान किये है, महफ़िल में मुझे गालियाँ देकर है बहुत खुश जिस शख्स पर मैंने बड़े एहसान किये है।


आज कतरा के गुजरते हुए पाया है तुझे, बेवफाई का हुनर किसने सिखाया है तुझे


अगर हमें तेरी बदनामियों का डर न होता, न तू वेवफा कहती…. न मैं वेवफा होता।


कदम तो यूँ ही लड़खड़ा गये वरना सम्भलना हम भी जानते थे
ठोकर भी लगी उस पत्थर से जिसे हम अपना खुदा मानते थे ।।


उनकी नफरत बता रही है
हमारी मोहब्बत गज़ब की थी ।


जानकार भी तुम मुझे जान न पाए
आजतक तुम मुझे पहचान न पाए
खुद ही की बेवफाई तुमने
ताकि तुम पर इल्जाम ना आये ।


क्यों बहाने करते हो मुझसे रूठ जाने के
साफ़ साफ़ कह देते दिल में जगह नहीं है हमारे लिए ।


मुझको छोड़ने की वजह तो बता देते
मुझसे नाराज थे या मुझ जैसे हजारों थे ।


तू भी आईने की तरह बेवफा निकला
जो सामने आया, उसी का हो गया ।


सच्ची मोहब्बत बस होती है
कभी मिला नहीं करती ।


एहसान किसी का वो रखते नहीं मेरा भी चुका दिया
जितना खाया था नमक मेरा मेरे जख्मों पर लगा दिया ।

मिल ही जाएगा कोई ना कोई टूट के चाहने वाला
अब शहर का शहर तो बेवफा हो नहीं सकता ।


कभी रहमत करना मेरी
दिल्लगी पे ज़ालिम
हम बाजारों में नहीं, हजारों में मिलते हैं ।।


हर भूल तेरी माफ़ की
हर खता को तेरी भुला दिया
गम ये है कि मेरे प्यार का
तूने बेवफा बनके सिला दिया ।।


पगली जो चाहे वो करना जिंदगी में, लेकिन एक गुजारिश है
कभी किसी से अधूरा प्यार मत करना ।।

तू बेवफा है तेरी बेवफ़ाई में दिल बेकरार ही ना करूँ, तू हुक्म दे तो तेरा इंतेज़ार ही ना करूँ, तू बेवफा है तो कुछ इस कदर बेवफ़ाई कर, के तेरे बाद मैं किसी और से प्यार ही ना करूँ…”


““होते हैं शायद नफरत में ही पाकींजा रिश्तें, वरना अब तो तन से लिबास उतारने को लोग मोहब्बत कहते हैं”….!!”


“सुना है देर रात तक जागते हो आप लोग, यादो के मारे हो या मेरी तरह इश्क मे हारे हो…”


“शिकायत है उन्हें कि, हमें मोहब्बत करना नही आता, शिकवा तो इस दिल को भी है, पर इसे शिकायत करना नहीं आता”


जानते थे तोङ दोगे तुम, फिर भी दिल तुम्हेँ देना अच्छा लगा..!!


जब मिलो किसी से तो जरा दूर का रिश्ता रखना, बहुत तङपाते हैँ अक्सर सीने से लगाने वाले ..

“आरजु थी तेरी माेहब्बत पाने की….!! पागल तूने ताे नफरत के काबिल भी नहीं समझा….!!”


वो फिर से लौट आये थे मेरी जिंदगी में, अपने मतलब के लिये
और हम सोचते रहे कि हमारी दुआओं में दम था ।।

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