Eid Mubarak Status In Hindi


कोई कह दे उनसे जाकर की छत पर ना जाए, बेवजह शहर में ईद की तारीख बदल जाएगी।


ईद का त्यौहार आया है
खुशियां अपने संग लाया है
खुदा ने दुनिया को महकाया है.
देखो फिर से ईद का त्यौहार आया है
आप सभी को दिल से ईद मुबारक.


अर्ज़ किया है ….ज़रा गौर फर्मायिगा।
उनको देखूं तो टूटे मेरा रोजा।
उनको देखूं तो टूटे मेरा रोज़ा।
चाँद को देखे बिना भी ईद होती है कभी।


बाकी दिनों का हिसाब रहने दो,
ये बताएं ईद पर मिलने आओगे ना.


आज यारों को मुबारक हो कि सुब्ह-ए-ईद 🌙 है
  राग है मय है चमन है दिलरुबा है दीद है


फ़लक पे 🌙 चाँद सितारे निकलने हैं हर शब
  सितम यही है निकलता नहीं हमारा चाँद


🌙 ईद आई तुम न आए क्या मज़ा है ईद का,
  ईद ही तो नाम है इक दूसरे की दीद का.. 


ईद का दिन है गले आज तो मिल ले ज़ालिम
  रस्म-ए-दुनिया भी है मौक़ा भी है दस्तूर भी है


ज़माने भर की ईदों से मुझे क्या मतलब,
  मेरा चाँद मिल जाये, मेरी ईद हो जाये.


ऐ रूठे हुवे दोस्त मुझे इतना बता दे,
  क्या मुझ से गले मिलने का अब मन नहीं होता,
  बच्चों की तरह दौड़ के आ सीने से लग जा,
  ये ईद का दिन है कोई दुश्मन नहीं होता.


 तेरे कहने पे लगायी है यह मेहँदी मैंने, 
  ईद पर अब न तू आया तो क़यामत होगी.


सोचा की किसी से बात  करू,
  अपने किसी खास को याद करू,
   जब उठाया मोबाइल ईद की मुबारक बाद देने के लिए.
   दिल ने ये कहा क्यों ना ये शुरुआत आप से करू 


खुदा से यही दुआ है हमारी आप
  सदा हंसते रहो जैसे हंसते हैं फूल
  दुनिया के सारे गम तुम्हें जाएं भूल
  चारो तरफ फैलाओं खुशियों के गीत
  इसी उम्मीद के साथ यार तुम्हे मुबारक हो रमजान…
  रहमतों की बारिश का महीना है दोस्तों,
  ए मेरे मुल्क़ तुझको हो रमज़ान मुबारक़…


रात को नया चाँद मुबारक,
  चाँद को चाँदनी मुबारक,
  फलक को सितारे मुबारक,
  सितारों को बुलन्दी मुबारक,


चुपके से चाँद की रौशनी छू जाये आपको;
  धीरे से ये हवा कुछ कह जाये आपको;
  दिल से जो चाहते हो मांग लो खुदा से;
  हम दुआ करते हैं वो मिल जाये आपको।


दिए जलते और जगमगाते रहें;
  हम आपको इसी तरह याद आते रहें;
  जब तक जिंदगी है ये दुआ है हमारी;
  आप ईद के चाँद की तरह जगमगाते रहें।


ईद लेकर आती है ढेर सारी खुशियां;
  ईद मिटा देती है इंसान में दूरियां;
  ईद है ख़ुदा का एक नायाब तबारक;
 और हम भी कहते हैं आपको “ईद मुबारक”


चाँद से रोशन हो रमजान तुम्हारा, 
  इबादत से भरा हो रोज़ा तुम्हारा, 
  हर रोज़ा और नमाज़ कबूल हो तुम्हारी, 
  यही अल्लाह से है, दुआ हमारी.


वादों ही पे हर रोज़ मिरी जान न टालो
  है ईद का दिन अब तो गले हम को लगा लो


लोग कहते हैं की ईद आई हैं ,
  तूम आ जाओ तो यकीन आ जाये.


उधर से चाँद तुम देखो, इधर से चाँद हम देखे.
  निगाहें यूँ टकराये के दो दिलो की ईद हो जाये…


रात को नया चाँद मुबारक,
  चाँद को चाँदनी मुबारक,
  फलक को सितारे मुबारक,
  सितारों को बुलन्दी मुबारक,
  और आपको हमारी तरफ से ईद मुबारक


मुबारक हो आपको खुदा की दी यह जिंदगी, 
   खुशियों से भरी रहे आपकी यह जिंदगी, 
  गम का साया कभी आप पर ना आए, 
  दुआ है यह हमारी आप सदा यूं ही मुस्कुराएं 
   ईद  मुबारक


रमजान में ना मिल सके,
  ईद में नज़रें ही मिला लूं,
  हाथ मिलाने से क्या होगा,
  सीधा गले से लगा लूं.


माह-ए-नौ देखने तुम छत पे न जाना हरगिज़
  शहर में ईद की तारीख़ बदल जाएगी


ये सुबह जितनी खूबसूरत है, 
  उतना ही खूबसूरत आपका हर एक पल हो, 
  जितनी भी खुशियां आपके पास आज हैं,
  उससे भी ज्यादा वो आपके पास कल हों 


 ऐ चाँद उनको मेरा ये पैग़ाम कहना,
  ख़ुशी का दिन और हँसी की शाम कहना,
  जब देखें बाहर आकर वो तुझे,
  मेरी तरफ से उनको मुबारक़ ईद  कहना…


अब तुम्हारे बिना ईद कैसे हो,
  चाँद ही तो दिखा है, तुम तो नही.


बे-जुबानों को वो जुबान देता है;
  पढ़ने को फिर वो कुरान देता है;
  बक्शने पे आये जब जब वो गुनाहों को;
  तोहफे में गुनाहगारों को रमजान देता है।
  ईद  मुबारक


चाँद की पहली दस्तक पे,
  चाँद मुबारक कहते हैं,
  सबसे पहले हम आपको,
  रमदान मुबारक कहते हैं


तुझ को मेरी न मुझे तेरी ख़बर जाएगी
  ईद अब के भी दबे पाँव गुज़र जाएगी
  ज़फ़र इक़बाल


अपनी ख़ुशियाँ भूल जा सब का दर्द ख़रीद
   ‘सैफ़ी’ तब जा कर कहीं तेरी होगी ईद


दीपक में अगर नूर ना होता;
  तन्हा दिल यूँ मजबूर ना होता;
  मैं आपको “ईद मुबारक” कहने जरूर आता;
  अगर आपका घर इतना दूर ना होता।


सूरज की किरणें तारों की बहार;
  चाँद की चाँदनी अपनों का प्यार;
  हर घड़ी हो ख़ुशहाल;
  उसी तरह मुबारक हो आपको ईद का त्योंहार।
  ईद मुबारक


सारी दुनियाँ मैं ईद है,
  लेकिन हमारा चाँद आज भी गुम है…


 ईद के दिन सब मिलेंगे अपने अपने महबूब से 
   हम गले मिल मिल के रोएंगे दर -ओ -दीवार से.




दिखा ईद का चाँद तो मांगी ये दुआ रब से,
 दे दे तेरा साथ ईद का तोहफा समझ कर.





उधर से चाँद तुम देखो, इधर से चाँद हम देखे, निगाहें इस तरह टकराएं की दो दिलों की ईद हो जाएँ। ईद मुबारक।





ना किसी का दीदार हुआ, ना किसी के गले मिले, कैसी खामोश ईद थी, जो आई और चली गई। ईद मुबारक।


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