Heart Touching Shayari For Girl



मै तो बेटी थी घर में आज़ादी भी ना पा सकी…
जब भी उठा दिल में दर्द कोई मैं किसी को ना बता सकी…


अक्सर सोचती थी कि क्या कभी मुझे भी मिल पायेगा एक लड़का ऐसा…
जो हर पल मेरा ख्याल रखे और हो मेरे सपनो के राजकुमार के जैसा…


फिर एक दिन जब तुम मेरी जिंदगी मे आये थे…
मेरी बेरंग ज़िन्दगी में अपने साथ हज़ारों खुशियां लाये थे…


उस दिन के बाद से मै सब कुछ भूल गयी थी…
तुम्हे अपना सब कुछ मान कर तुम्हे अपने दिल से कबूल गयी थी….


तब से मैंने बस तुम्हारा ही ख्याल अपने दिल में पाला है…
जब तक देखा ना तुम्हे आंख भर के गले से उतारा ना एक भी निवाला है….


तुमने भी तो मेरी हर छोटी बड़ी ग़लती को माफ़ कर दिया…
जो की मैंने नादानियाँ उन्हें भूल कर दिल अपना साफ़ कर दिया…


तुम्हे याद है वो हार जो तुमने मुझे दिया था… मै उसे अपने सीने से लगाये रहती हूँ…
तुम फिर से मेरे पास लौट आवोगे.. मै ऱोज यही बात अपने दिल से कहती हूँ…


तुम भी तो मुझसे कितना प्यार करते थे…
हर बात पर I LOVE YOU कहकर इज़हार करते थे…


मगर आज किस्मत का खेल देखो जो तुम सामने आने से डरते हो…
मै तुम्हे जिस भी नंबर से मैसेज करती हूँ तुम वो नंबर ब्लाक करते हो…


मैं जानती हूँ पापा के चले जाने के बाद तुम्हे माँ ने ही संभाला है…
आयीं बहुत मुश्किलें राह में उन सबसे लड़ते हुए तुमको बड़ी मुस्किल से पाला है…


आज उसी माँ ने तुम्हे कसम दी है…
और उसी कसम ने जिंदगी से तुम्हारी मेरी महोब्बत को छीन ली है….


माँ कहती है की तुम अब मुझसे ना मिलोगे…
प्यार का कोई और वादा ना करोगे….


मैं नहीं जानती की आखिर मैंने क्या ग़लती की है….
आखिर क्यों उन्होंने हमें इतनी बड़ी सजा दी है…


तुम माँ को बताओ ना की वो साफ़ दिल की हो कर भी मेरी महोब्बत के लिए रो रही है…
क्या कसूर है उस मासूम सी लड़की का जो अपने आंसुओं से अपने दिल के ज़ख्मों को धो रही है….


माँ से कहना की उसे मुझसे ज्यादा तुम्हारी फिकर रहती है….
माँ का ख्याल रखा करिए वो अक्सर मुझसे यही बात कहती है…


मैं तुम्हारे बिना यहाँ रोज़ मर रही हूँ….
मौत छीन ले सांसें मेरी मैं बस यही दुआ कर रही हूँ….


क्या हर्ज़ है अगर मैं और तुम मिल कर माँ की सेवा करें…
एक हमारा घर हो जिसमे माँ हम और तुम साथ रहें….


सोचो इससे कितने दिल टूटने से बच जायेंगे…
तुम अगर थोड़ी कोशिश करो तो मेरे घर वाले भी उन्हें समझायेंगे….


इन महोल्ले वालों की फिकर ना करो.. इन्हें क्या अपने बच्चों का होश है जो ये हमारी ख़बर लेते हैं…
क्या इनके बच्चे हैं इनके कहने में जो ये हमें नसीहत देते हैं….


हम किससे प्यार करते हैं इससे भला इनको क्या लेना है…
हमने कोई नुकसान किया है या हमें इनका कोई क़र्ज़ देना है…


एक ही महोल्ले में प्यार करना कोई गुनाह तो नहीं…
किस्मत ने मिलाया है हमें.. हमने इससे अपने हाथो से बुना तो नहीं….


अब तुम्हारे हाथ है, हो सके तो मुझे बचा लेना…
सच कुछ ठीक करना और माँ को कैसे भी समझा लेना…..


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