Love you and Miss you Meri Jaan


जो भी कहता है महोब्बत में खुदा रहता है…
उसको नादान समझती है सयानी दुनिया…
पहले निर्दोष फ़रिश्तों को सज़ा देती है… 
बाद में रो रो कर सुनाती है कहानी दुनिया….


हमनें तो बस इतना ही चाहा की मेरा और उसका साथ हो जाये…
वो मेरी मांग में भर कर सिंदूर, जिंदगीभर के लिए मेरी सोहबर में खो जाये…


मगर फिर क्यों ये दुनिया वालों ने हमें एक दूसरे से दूर कर दिया…
आज एक दूजे को देखना तक नसीब नहीं है.. हमें इतना मजबूर कर दिया….


जान से ज्यादा चाहते हैं एक दूसरे को फिर ये लोग हमें एक साथ चलने तक नही देते हैं…
आज की तारिख में भी करते हैं जात धर्म की बातें ये अनपढ़ लोग दस्तूर बदलने क्यों नहीं देते हैं…


मै भी जानती हूँ की ये लोग हमें मिलने नहीं देंगे…
जहाँ हर तरफ खून बिखरा हैं वहां ये प्यार के फूल ख़िलने नहीं देंगे….


मगर मैं फिर भी तुमसे कहना चाहती हूँ की मैं बिन तुम्हारे जी ना पाऊँगी….
मैं ज़हर हंस कर पी लूँगी मगर ये घूँट जुदाई का पी ना पाऊँगी….


तुम लौट आओ हम इकट्ठे बैठ कर कोई न कोई रास्ता निकाल लेंगे…
जो हालत बिगड़ रहे हैं हमारे दरमियाँ हम उन्हें किसी भी हद से गुजर कर सम्भाल लेंगे…


हम अगर आज हार गये तो कल लोग महोब्बत के नाम से दूर भागेंगे…
आज हम ने कदम ना आगे बढाया तो भला महोब्ब्बत करने वाले कैसे जागेंगे…


मैं तुम्हारे बिन एक पल भी जी नही सकती…
तुम कैसे भी करके मेरे पास लौट आओ अब मैं और जुदाई का जहर पी नहीं सकती…


चले आओ के तुम बिन अब मेरा जीने का मन नही करता है…
एक रात भी ना कटती है बिन तुम्हारे.. पूरी जिंदगी का सोच कर ही डर लगता है….

तुम जहाँ ले चलोगे मैं वहां ख़ुशी से रह लूँगी…
वादा करती हूँ हम पर जितनी भी मुसीबतें आयेंगी मैं सब हंस कर सह लूँगी…


हम इन नफ़रत करने वालों से दूर कोई प्यार का नया जहाँ बसायेंगे…
एक बार यहाँ से चले जाएँ फिर हम लौट कर इनके पास कभी ना आएंगे……


By – Salman Ahamad

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